Haryana Van Mitra Yojana 2026: हरियाणा सरकार ने राज्य में हरित क्षेत्र बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हरियाणा वन मित्र योजना शुरू की है। इस योजना का लाभ किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे समाज को बेहतर और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना इसका मुख्य उद्देश्य है। योजना के तहत गैर वन भूमि पर पौधारोपण करने और चार वर्षों तक उनकी देखभाल करने वाले चयनित वन मित्रों को सरकार द्वारा चरणबद्ध तरीके से मानदेय दिया जाएगा। आवेदन ऑनलाइन माध्यम से किए जा सकते हैं और पात्र उम्मीदवारों को वन मित्र मोबाइल ऐप पर पंजीकरण करना अनिवार्य होगा।

Haryana Van Mitra Yojana 2026
Haryana Van Mitra Yojana का उद्देश्य क्या है?
हरियाणा वन मित्र योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में लगातार घट रहे वृक्षों की संख्या को बढ़ाना और गैर वन भूमि पर अधिक से अधिक पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण को मजबूत बनाना है। सरकार इस योजना के माध्यम से आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना चाहती है ताकि हरियाणा में हरित क्षेत्र का विस्तार हो सके।
Haryana Van Mitra Yojana के प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार हैं—
- राज्य में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना।
- गैर वन भूमि पर वृक्षों की संख्या बढ़ाना।
- स्वस्थ और स्वच्छ वातावरण तैयार करना।
- पौधारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण को सुनिश्चित करना।
- आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को रोजगार और मानदेय उपलब्ध कराना।
Haryana Van Mitra Yojana की मुख्य विशेषताएं
हरियाणा सरकार ने इस योजना के संचालन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है।
- योजना का शुभारंभ वर्ष 2024 में किया गया।
- लगभग 7500 वन मित्रों का चयन किया जाएगा।
- प्रत्येक परिवार से केवल एक सदस्य को ही वन मित्र बनाया जाएगा।
- पात्र परिवारों का चयन परिवार पहचान पत्र (PPP) के आधार पर किया जाएगा।
- केवल ऐसे परिवार पात्र होंगे जिनकी वार्षिक आय ₹1.80 लाख से कम होगी।
- चयनित उम्मीदवार को वन मित्र मोबाइल ऐप पर पंजीकरण करना होगा।
- एक वन मित्र अधिकतम 1000 पौधों के रोपण का पंजीकरण कर सकता है।
- पौधे वन विभाग द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे।
- पौधारोपण की भूमि का चयन वन मित्र स्वयं करेगा।
- चयनित उम्मीदवारों को पौधारोपण एवं संरक्षण का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
योजना का समयबद्ध कार्यक्रम
सरकार ने योजना के प्रत्येक चरण के लिए अलग-अलग समय सीमा निर्धारित की है।
पहले वर्ष
- फरवरी से मार्च: पंजीकरण, परिवार चयन एवं प्रशिक्षण।
- 10 जून तक: पौधारोपण के लिए गड्ढे तैयार करना।
- जुलाई से अगस्त: पौधारोपण कार्य।
- अगस्त के अंतिम सप्ताह तक: पौधों की जियो टैगिंग एवं सत्यापन।
- सितंबर के अंतिम सप्ताह: पौधों के संरक्षण की पहली समीक्षा।
दूसरे, तीसरे एवं चौथे वर्ष
- लगाए गए पौधों की देखभाल।
- जीवित पौधों का संरक्षण।
- नियमित निरीक्षण एवं सत्यापन।
- निर्धारित मानदेय का भुगतान।
योजना के तहत कितना मानदेय मिलेगा?
वन मित्रों को पौधारोपण और पौधों के संरक्षण के आधार पर अलग-अलग वर्षों में मानदेय दिया जाएगा।
पहले वर्ष
- गड्ढों की फोटो ऐप पर अपलोड करने पर ₹20 प्रति गड्ढा।
- पौधों की जियो टैगिंग होने पर ₹30 प्रति पौधा।
- सितंबर में पौधों के संरक्षण हेतु ₹10 प्रति पौधा।
दूसरे वर्ष
- प्रत्येक जीवित पौधे पर ₹8 प्रति माह।
तीसरे वर्ष
- प्रत्येक जीवित पौधे पर ₹5 प्रति माह।
चौथे वर्ष
- प्रत्येक जीवित पौधे पर ₹3 प्रति माह।
मानदेय सीधे वन मित्र के बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजा जाएगा।
कौन कर सकता है आवेदन?
योजना का लाभ लेने के लिए उम्मीदवार को निम्न पात्रता पूरी करनी होगी—
- हरियाणा का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- आयु 18 से 60 वर्ष के बीच हो।
- परिवार की वार्षिक आय ₹1.80 लाख से कम हो।
- परिवार पहचान पत्र (PPP) में पात्र परिवार के रूप में शामिल होना चाहिए।
- प्रत्येक परिवार से केवल एक सदस्य पात्र होगा।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
ऑनलाइन आवेदन करते समय निम्न दस्तावेज तैयार रखें—
- आधार कार्ड
- परिवार पहचान पत्र (PPP)
- निवास प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- पहचान पत्र बैंक पासबुक
- मोबाइल नंबर
- अन्य आवश्यक दस्तावेज
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
हरियाणा वन मित्र योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है।
- सबसे पहले हरियाणा वन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- होम पेज पर Van Mitra Scheme का चयन करें।
- Van Mitra Registration लिंक खोलें।
- मांगी गई सभी जानकारी सही-सही भरें।
- आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
- आवेदन सबमिट करें।
- सफल पंजीकरण के बाद मोबाइल नंबर पर रजिस्ट्रेशन नंबर प्राप्त होगा।
- PPP की सहायता से आवेदन की स्थिति भी ऑनलाइन देखी जा सकती है।
वन मित्र मोबाइल ऐप की भूमिका
इस योजना में मोबाइल ऐप का विशेष महत्व है।
- ऑनलाइन पंजीकरण।
- गड्ढों की फोटो अपलोड करना।
- पौधों की जियो टैगिंग।
- पौधों की संख्या दर्ज करना।
- निरीक्षण एवं सत्यापन।
- आवेदन की स्थिति देखना।
महत्वपूर्ण निर्देश
- चयनित उम्मीदवार को वन मित्र ऐप पर पंजीकरण करना अनिवार्य होगा।
- अधिकतम 1000 पौधों का ही पंजीकरण किया जा सकेगा।
- पौधे वन विभाग द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे।
- पौधों की नियमित देखभाल करना आवश्यक होगा।
- समय-समय पर जियो टैगिंग और सत्यापन कराया जाएगा।
- केवल पात्र परिवारों को योजना का लाभ मिलेगा।
संपर्क विवरण
यदि योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी चाहिए, तो निम्न माध्यमों से संपर्क किया जा सकता है—
हरियाणा वन विभाग संपर्क नंबर: 0172-2563988
हेल्पडेस्क ईमेल: pccf-hry@nic.in
कार्यालय पता:
प्रधान मुख्य वन संरक्षक
वन भवन, C-18, सेक्टर-6
पंचकूला, हरियाणा – 134109
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. हरियाणा वन मित्र योजना का उद्देश्य क्या है?
- गैर वन भूमि पर पौधारोपण बढ़ाना, पर्यावरण संरक्षण करना और स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना।
Q2. इस योजना के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
- हरियाणा का स्थायी निवासी, जिसकी आयु 18 से 60 वर्ष तथा परिवार की वार्षिक आय ₹1.80 लाख से कम हो।
Q3. एक परिवार से कितने सदस्य आवेदन कर सकते हैं?
- केवल एक सदस्य।
Q4. अधिकतम कितने पौधों का पंजीकरण किया जा सकता है?
- अधिकतम 1000 पौधों का।
Q5. पौधे कौन उपलब्ध कराएगा?
- हरियाणा वन विभाग।
Q6. क्या योजना में प्रशिक्षण भी मिलेगा?
- हाँ। चयनित वन मित्रों को पौधारोपण तकनीक और पौधों के संरक्षण का बुनियादी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
Q7. मानदेय कैसे मिलेगा?
- सरकार द्वारा निर्धारित चरणों के अनुसार मानदेय सीधे वन मित्र के बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजा जाएगा।
Usefull Links
1. Van Mitra Scheme Notification (PDF, 1.41 MB)
2.वन मित्र योजना के लिए उपयोगकर्ता मैनुअल (हिंदी )
3.वन मित्र योजना के क्रियान्वयन के लिए महत्वपूर्ण समयसीमा
4. Van Mitra Training Manual (PDF, 4.36 MB)
5. Download Van Mitra Mobile Application (.APK, 274 MB)
6. पंजीकृत आवेदकों के लिए वन मित्र पोर्टल )
7. सहमति पत्र (गैर वन भूमि पर वन मित्र द्वारा वृक्षारोपण की अनुमति हेतु) ( हिंदी )