हरियाणा में डिजिटल फसल सर्वे 2026, 14 लाख एकड़ फसलों का नहीं हुआ मिलान, अब दोबारा होगा सर्वे

हरियाणा में डिजिटल फसल सर्वे 2026: हरियाणा में डिजिटल क्रॉप सर्वे 2026 को लेकर सरकार ने बड़े स्तर पर दोबारा सर्वे कराने की तैयारी की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर दर्ज फसल और खेत की वास्तविक स्थिति में करीब 14 लाख एकड़ फसल का मिलान नहीं हो पाया है। इसी वजह से प्रदेश के सभी गांवों में डिजिटल क्रॉप सर्वे कराया जाएगा। यह कोई ऐसी योजना नहीं है जिसमें किसानों को सीधे नकद सहायता या सब्सिडी दी जाएगी, बल्कि इसका उद्देश्य खेतों और फसलों का सही डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है। हरियाणा सरकार पहले ही AgriStack के तहत खेतों की Geo-Referencing और Farmer Registry पर काम कर रही है तथा Kharif 2026 Digital Crop Survey की तैयारी की पुष्टि कर चुकी है।

हरियाणा में डिजिटल फसल सर्वे 2026

हरियाणा में डिजिटल फसल सर्वे 2026

डिजिटल क्रॉप सर्वे क्या है?

डिजिटल क्रॉप सर्वे में खेत में वास्तव में कौन-सी फसल बोई गई है, उसका रिकॉर्ड डिजिटल माध्यम से तैयार किया जाता है। इसके लिए खेत की लोकेशन, जमीन और फसल से जुड़ी जानकारी को डिजिटल सिस्टम में दर्ज किया जाता है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल कागजी रिकॉर्ड पर निर्भर रहने के बजाय जमीन पर मौजूद वास्तविक फसल की जानकारी को डिजिटल रिकॉर्ड से जोड़ना है।

हरियाणा में Digital Crop Survey को AgriStack और Farmer Registry से जोड़कर कृषि संबंधी रिकॉर्ड को ज्यादा व्यवस्थित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। जून 2026 की सरकारी समीक्षा में बताया गया था कि राज्य में 1.75 करोड़ कृषि भूखंडों की Geo-Referencing हो चुकी थी और करीब 96 प्रतिशत गांव इस प्रक्रिया में कवर किए जा चुके थे।

सरकार दोबारा सर्वे क्यों करा रही है?

मौजूदा जानकारी के अनुसार मेरी फसल-मेरा ब्यौरा में दर्ज फसल और खेत में वास्तविक रूप से मौजूद फसल के बीच काफी अंतर सामने आया है।

समाचार रिपोर्ट में करीब 14 लाख एकड़ फसल का मिलान नहीं होने की बात सामने आई है। ऐसे मामलों की वास्तविक स्थिति जांचने के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे को दोबारा व्यापक स्तर पर कराया जाएगा।

इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि रिकॉर्ड में दर्ज फसल और खेत में खड़ी वास्तविक फसल एक जैसी है या नहीं।

7300 गांवों में होगा डिजिटल सर्वे

हरियाणा के प्रदेशभर के गांवों को डिजिटल क्रॉप सर्वे के दायरे में लाने की तैयारी है। उपलब्ध समाचार जानकारी के अनुसार करीब 7,300 गांवों में सर्वे कराया जाना है।

सरकारी स्तर पर Kharif 2026 Digital Crop Survey के लिए राज्य के सभी Geo-Referenced Plots को कवर करने की तैयारी की जा रही है। जून में जारी सरकारी जानकारी के अनुसार इस सर्वे में लगभग 6,500 Surveyors के शामिल होने की योजना बताई गई थी।

3700 पटवारी और 3000 कर्मचारी करेंगे काम

सर्वे को पूरा करने के लिए राजस्व विभाग के पटवारियों के साथ अतिरिक्त कर्मचारियों को भी लगाया जाएगा।

उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार करीब 3,700 पटवारियों के साथ 3,000 अन्य कर्मचारी सर्वे कार्य में लगाए जाने हैं।

इसका उद्देश्य बड़े स्तर पर खेतों की वास्तविक स्थिति की जांच कर रिकॉर्ड को अपडेट करना है।

5000 टैबलेट से होगा सर्वे का काम

डिजिटल सर्वे को मोबाइल/टैबलेट आधारित बनाने के लिए लगभग 5,000 टैबलेट खरीदने की जानकारी भी सामने आई है।

इन उपकरणों के माध्यम से सर्वे से संबंधित जानकारी और खेतों की तस्वीरें डिजिटल सिस्टम में अपलोड करने का काम किया जाएगा।

इस तरह सर्वे का डेटा मौके से ही डिजिटल रूप में दर्ज किया जा सकेगा।

खेत में जाकर होगी फसल की जांच

डिजिटल क्रॉप सर्वे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा खेत की वास्तविक स्थिति की जांच है।

सर्वे के दौरान यह देखा जाएगा कि संबंधित खेत में रिकॉर्ड के अनुसार फसल मौजूद है या नहीं। खेत की लोकेशन और संबंधित रिकॉर्ड का मिलान भी किया जाएगा।

हरियाणा के जिलों में पहले भी Digital Girdawari के दौरान खेत में खड़ी फसल की फोटो ऐप पर अपलोड कर Entry दर्ज करने और Killa Number को संबंधित रिकॉर्ड से मिलाने का काम किया गया है।

फसल का मिलान होने से किसानों को क्या फायदा होगा?

इस प्रक्रिया का सीधा उद्देश्य किसी निश्चित राशि का भुगतान करना नहीं है। इसलिए इसे किसान सहायता योजना या सब्सिडी योजना समझना सही नहीं होगा।

सही डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से भविष्य में सरकार को किसानों, जमीन और फसल से संबंधित योजनाओं तथा कृषि प्रशासन के लिए ज्यादा सटीक डेटा उपलब्ध हो सकता है।

सरकारी स्तर पर AgriStack को किसान रिकॉर्ड, भूमि स्वामित्व और फसल की जानकारी को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ने की दिशा में विकसित किया जा रहा है। सरकार के अनुसार इससे योजनाओं और सरकारी लाभों की Targeting तथा Delivery को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

किसानों को क्या करना चाहिए?

किसानों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि अपनी फसल का रिकॉर्ड सही रखें।

यदि आपके खेत में बोई गई फसल और मेरी फसल-मेरा ब्यौरा में दर्ज फसल अलग है, तो संबंधित रिकॉर्ड की जांच कराना उचित रहेगा।

हरियाणा सरकार पहले भी किसानों से खरीफ फसलों का पंजीकरण मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर कराने की अपील कर चुकी है। सरकारी जानकारी के अनुसार फसल का पंजीकरण कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का लाभ लेने में उपयोगी है।

Digital Crop Survey 2026 की महत्वपूर्ण बातें

  • हरियाणा में Digital Crop Survey को बड़े स्तर पर कराया जाएगा।
  • करीब 7,300 गांवों को कवर करने की जानकारी सामने आई है।
  • लगभग 3,700 पटवारियों के साथ 3,000 अतिरिक्त कर्मचारियों को लगाने की बात रिपोर्ट में कही गई है।
  • सर्वे के लिए लगभग 5,000 टैबलेट खरीदने की जानकारी दी गई है।
  • करीब 14 लाख एकड़ फसल के रिकॉर्ड का मिलान नहीं होने की बात सामने आई है।
  • खेत की वास्तविक स्थिति और डिजिटल रिकॉर्ड का मिलान किया जाएगा।
  • यह कोई सीधे पैसे देने वाली योजना नहीं है।
  • AgriStack और Farmer Registry के साथ डिजिटल कृषि रिकॉर्ड को मजबूत करने की दिशा में यह प्रक्रिया महत्वपूर्ण है।

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