CIBIL Score Rules 2026: हर कोई ज़रूरत पड़ने पर बैंक से आसानी से लोन लेने का सपना देखता है, लेकिन कभी-कभी कम CIBIL स्कोर की वजह से लोगों को निराशा होती है। अब, रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने 2025 में नए नियम लागू किए हैं जो लाखों लोगों को राहत देंगे। ये बदलाव न सिर्फ़ बैंकिंग सिस्टम को ज़्यादा ट्रांसपेरेंट बनाएंगे, बल्कि समय पर पेमेंट करने वालों के लिए ज़्यादा फ़ायदेमंद भी होंगे।
CIBIL स्कोर क्या है और यह क्यों ज़रूरी है?
CIBIL स्कोर किसी व्यक्ति की फाइनेंशियल स्थिति और लोन चुकाने की क्षमता को दिखाता है। यह 300 से 900 तक का तीन अंकों का स्कोर होता है। 750 या उससे ज़्यादा का स्कोर अच्छा माना जाता है। अगर स्कोर 700 से कम है, तो बैंक अक्सर लोन देने से पहले हिचकिचाते हैं। यह स्कोर बैंकों को यह तय करने में मदद करता है कि किसी व्यक्ति को लोन देना सुरक्षित है या नहीं।
RBI के नए नियमों में क्या खास है?
रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने 2025 में CIBIL स्कोर के बारे में तीन बड़े बदलाव किए हैं। इसका मकसद कस्टमर्स को ज़्यादा ट्रांसपेरेंसी और सिक्योरिटी देना है। पहला बड़ा बदलाव यह है कि क्रेडिट स्कोर अब हर महीने अपडेट किए जाएंगे। पहले, इस प्रोसेस में तीन महीने या उससे ज़्यादा समय लगता था, जिसका मतलब था कि कई लोगों को अपने सही स्कोर के बारे में समय पर अपडेट नहीं मिलता था। अब, हर महीने अपडेट होने से, जो लोग फाइनेंशियली ज़िम्मेदार हैं, उन्हें तुरंत फ़ायदा होगा।
दूसरा बड़ा बदलाव यह है कि अगर किसी कस्टमर का स्कोर कम होता है, तो बैंक को इसका साफ़ कारण बताना होगा। पहले, कस्टमर्स को पता नहीं चलता था कि उनका स्कोर क्यों कम हुआ है, लेकिन अब बैंक को लिखित में वजह बतानी होगी। इससे कंज्यूमर्स को अपनी गलतियों को सुधारने का मौका मिलेगा।
तीसरा ज़रूरी सुधार यह है कि अगर किसी व्यक्ति की रिपोर्ट में कोई गलती है, तो बैंक या संस्था को शिकायत मिलने के 15 दिनों के अंदर उसे ठीक करना होगा। पहले, यह प्रोसेस बहुत लंबा था, जिससे कई ईमानदार लोगों को नुकसान होता था।

CIBIL Score Rules 2026