Haryana E-Bhoomi Portal 2026: हरियाणा सरकार ने अपने ई-भूमि पोर्टल के ज़रिए ज़मीन के विकास की एक बड़ी पहल शुरू की है, जिससे पूरे राज्य में ज़मीन के मालिकों, इन्वेस्टर्स और शहरी विस्तार के लिए नए मौके खुलेंगे। इस बड़े प्लान के तहत, 69 शहरों में लगभग 1.67 लाख एकड़ ज़मीन को रहने, कमर्शियल और इंस्टीट्यूशनल कामों के लिए डेवलप किया जाएगा। यह कदम ट्रांसपेरेंट गवर्नेंस, प्लान्ड शहरीकरण और डिजिटल हरियाणा ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में एक साफ़ नज़रिया दिखाता है।
ई-भूमि पोर्टल क्या है?
ई-भूमि पोर्टल (http://ebhoomi.jamabandi.nic.in) ज़मीन मालिकों की सहमति से ज़मीन से जुड़े प्रोसेस को आसान बनाने के लिए शुरू किया गया है। यह प्लेटफ़ॉर्म प्रॉपर्टी मालिकों को अपनी मर्ज़ी से ट्रांसपेरेंट और स्ट्रक्चर्ड तरीके से डेवलपमेंट के लिए अपनी ज़मीन देने की सुविधा देता है। यह डिजिटल पहल एफिशिएंसी, अकाउंटेबिलिटी और तेज़ प्रोसेसिंग पक्का करती है, साथ ही गैर-ज़रूरी बिचौलियों को भी हटाती है।
यह प्रोजेक्ट हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट फ्रेमवर्क के तहत लागू किया जा रहा है, जिसमें सस्टेनेबल ग्रोथ, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑर्गनाइज़्ड शहर के विस्तार पर फोकस किया जा रहा है।
1.67 लाख एकड़ ज़मीन डेवलप की जाएगी
ऑफिशियल अनाउंसमेंट के मुताबिक, 69 शहरों में लगभग 1.67 लाख एकड़ ज़मीन की पहचान की गई है। इस ज़मीन का इस्तेमाल इन कामों के लिए किया जाएगा:
- रेजिडेंशियल हाउसिंग प्रोजेक्ट्स
- कमर्शियल डेवलपमेंट
- इंस्टीट्यूशनल इंफ्रास्ट्रक्चर
- शहरी विस्तार और पब्लिक फैसिलिटीज़
अकेले पहले फेज़ में, 13 शहरों में लगभग 40,000 एकड़ ज़मीन खरीदी और डेवलप की जाएगी। यह फेज़्ड रोलआउट ज़्यादा डिमांड वाले शहरी इलाकों में सिस्टमैटिक ग्रोथ और बेहतर प्लानिंग पक्का करता है।
हिस्सा लेने की आखिरी तारीख
जो ज़मीन के मालिक ई-भूमि पोर्टल के ज़रिए अपनी ज़मीन देना चाहते हैं, उन्हें आखिरी तारीख से पहले काम करना होगा।
📅 आखिरी तारीख: 30 अप्रैल 2026
इस तारीख तक सहमति और प्रस्ताव जमा करने के लिए पोर्टल खुला रहेगा। प्रॉपर्टी के मालिक ज़रूरी जानकारी अपलोड कर सकते हैं, अपनी इच्छा बता सकते हैं, और ऑफिशियल वेबसाइट के ज़रिए सीधे हिस्सा ले सकते हैं।
इससे ज़मीन के मालिकों को क्या फ़ायदा होगा
यह पहल एक साफ़ इरादे और ट्रांसपेरेंट सिस्टम के साथ डिज़ाइन की गई है, जो हर स्टेज पर निष्पक्षता पक्का करती है। फ़ायदों में शामिल हैं:
- पूरी सहमति के साथ अपनी मर्ज़ी से हिस्सा लेना
- ट्रांसपेरेंट इवैल्यूएशन प्रोसेस
- डिजिटल सबमिशन और ट्रैकिंग
- सरकारी अधिकारियों के साथ सीधी बातचीत
- स्ट्रक्चर्ड अर्बन प्लानिंग जिससे ज़मीन की कीमत बेहतर हो
ज़मीन के मालिक अपने प्रॉपर्टी रिकॉर्ड ऑनलाइन देख सकते हैं और घर बैठे आसानी से प्रपोज़ल सबमिट कर सकते हैं। डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म डॉक्यूमेंटेशन को आसान बनाता है और सुरक्षित प्रोसेसिंग पक्का करता है।
ट्रांसपेरेंट और स्ट्रक्चर्ड डेवलपमेंट
सरकार ने स्टेकहोल्डर्स के बीच भरोसा बनाने के लिए एक ट्रांसपेरेंट सिस्टम पर ज़ोर दिया है। सभी प्रोसेस — ज़मीन जमा करने से लेकर इवैल्यूएशन और एक्विजिशन तक — साफ़ तौर पर बताए गए डिजिटल प्रोसीजर को फ़ॉलो करेंगे।
ज़मीन के मालिक और इंटरेस्टेड स्टेकहोल्डर्स पूरी जानकारी, एलिजिबिलिटी डिटेल्स और ज़िले के हिसाब से ज़मीन अलॉटमेंट डेटा के लिए ऑफिशियल पोर्टल पर जा सकते हैं।

Haryana E-Bhoomi Portal 2026

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