Haryana Kapas Anudan Yojana 2026: किसानों की आय बढ़ाने और फ़सलों में विविधता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, हरियाणा सरकार राज्य में कपास की खेती को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष योजना लागू कर रही है। इस योजना के तहत, किसानों को देसी कपास की किस्मों की बुवाई के लिए ₹3,000 प्रति एकड़ की दर से सब्सिडी प्रदान की जाती है।
इसके अतिरिक्त, सूक्ष्म पोषक तत्वों और कीटनाशकों की खरीद के लिए प्रति एकड़ ₹2,000 (अधिकतम 2 एकड़ तक) की सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए, किसानों को विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
Haryana Kapas Anudan Yojana का उद्देश्य
कपास की खेती में सूक्ष्म पोषक तत्वों का छिड़काव करने और एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) अपनाने का मुख्य उद्देश्य फसल की गुणवत्ता और पैदावार, दोनों को बढ़ाना है। सूक्ष्म पोषक तत्वों का छिड़काव पौधों की पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करता है, जिससे उनकी वृद्धि बेहतर होती है और फल भी अधिक लगते हैं। यह पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है, जिससे वे विभिन्न रोगों और कीटों का सामना करने में सक्षम हो पाते हैं।
एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) एक टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल दृष्टिकोण है, जो रासायनिक कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग को कम करता है। IPM में जैविक नियंत्रण, कृषि संबंधी पद्धतियों और यांत्रिक तरीकों का उपयोग शामिल है। इस रूपरेखा के तहत, कीटों की निगरानी करने, कीटों को नियंत्रित करने के लिए उनके प्राकृतिक शत्रुओं का उपयोग करने और फसल विविधता को बढ़ावा देने जैसे उपाय लागू किए जाते हैं।
ये उपाय न केवल फसल उत्पादन में वृद्धि करते हैं, बल्कि मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को कम करने में भी मदद करते हैं। इस प्रकार, कपास की खेती में सूक्ष्म पोषक तत्वों का छिड़काव और एकीकृत कीट प्रबंधन अपनाकर किसान आर्थिक लाभ प्राप्त करते हैं, और साथ ही टिकाऊ कृषि को भी बढ़ावा देते हैं।
Haryana Kapas Anudan Yojana 2026 आवश्यक दस्तावेज
- मेरी फसल मेरा ब्यौरा आईडी नंबर, मोबाइल नंबर, परिवार पहचान पत्र (पीपीपी)।
- पैन कार्ड।
- जाति प्रमाण पत्र, यदि कोई हो।
- कार्यान्वयन प्रपत्र।
- भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र (फर्द)।

Haryana Kapas Anudan Yojana 2026