Haryana SC Swarojgar Loan Yojana 2026: हरियाणा सरकार द्वारा अनुसूचित जाति (SC) परिवारों के लिए स्वरोजगार को बढ़ावा देने हेतु बैंकों के सहयोग से विशेष ऋण योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को ₹1.50 लाख तक की परियोजना लागत पर बैंक ऋण, अधिकतम ₹50,000 तक की सब्सिडी (अनुदान) तथा निगम की ओर से 10% सीमांत राशि (Margin Money) उपलब्ध कराई जाती है। आवेदन निर्धारित आवेदन पत्र के माध्यम से किया जाता है, जिसकी पात्रता की जांच फील्ड स्टाफ द्वारा की जाती है और उसके बाद आवेदन बैंक को भेजा जाता है। योजना में आवेदन की कोई अंतिम तिथि घोषित नहीं की गई है, इसलिए पात्र उम्मीदवार अपने जिले के जिला प्रबंधक कार्यालय या संबंधित निगम के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

Haryana SC Swarojgar Loan Yojana 2026
सहायता राशि और वित्तीय लाभ
इस योजना के तहत लाभार्थी को निम्न प्रकार की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
- परियोजना लागत: अधिकतम ₹1,50,000
- कुल परियोजना लागत का 50% अनुदान
- अधिकतम अनुदान: ₹50,000
- कुल परियोजना लागत का 10% सीमांत राशि (Margin Money) निगम द्वारा
- शेष राशि बैंक ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी।
महत्वपूर्ण: ₹50,000 तक की सब्सिडी केवल उन अनुसूचित जाति परिवारों को मिलेगी जिनकी परिवार पहचान पत्र (PPP) में सत्यापित वार्षिक आय ₹3 लाख तक है।
कौन-कौन आवेदन कर सकता है?
इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को निम्न शर्तें पूरी करनी होंगी।
- हरियाणा का स्थायी निवासी हो।
- अनुसूचित जाति (SC) वर्ग से संबंधित हो।
- आयु 18 से 55 वर्ष के बीच हो।
- परिवार पहचान पत्र (PPP) में सत्यापित वार्षिक पारिवारिक आय ₹3 लाख या उससे कम हो।
- निगम या किसी बैंक का डिफॉल्टर न हो।
- पहले लिए गए निगम ऋण का दुरुपयोग न किया हो।
- उसी प्रकार का व्यवसाय पहले से संचालित नहीं हो रहा है।
- प्रस्तावित व्यवसाय का पर्याप्त ज्ञान एवं अनुभव हो।
- नए आवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
किन-किन व्यवसायों के लिए मिलेगा लोन?
इस योजना के अंतर्गत कई स्वरोजगार गतिविधियों के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
- बढ़ईगीरी
- चमड़ा एवं चमड़े के उत्पाद
- हथकरघा
- आटा चक्की
- वेल्डिंग कार्य
- साबुन निर्माण
- मोमबत्ती निर्माण
- अन्य व्यवहार्य स्वरोजगार परियोजनाएं
बैंक ऋण कैसे मिलेगा?
इस योजना में वित्तीय सहायता तीन भागों में होती है।
- निगम द्वारा अनुदान राशि
- निगम द्वारा 10% सीमांत राशि
- शेष राशि बैंक द्वारा ऋण के रूप में
बैंक ऋण की राशि लाभार्थी को सीधे न देकर, लाभार्थी द्वारा दिए गए Quotation के आधार पर संबंधित विक्रेता को भुगतान की जाती है।
ब्याज संबंधी जानकारी
निगम द्वारा दी जाने वाली सीमांत राशि पर—
- पुरुष: 4% वार्षिक ब्याज
- महिला: 4% वार्षिक ब्याज
- दंड ब्याज: 4% प्रति वर्ष
अन्य महत्वपूर्ण बिंदु—
- ब्याज वितरण (Disbursement) की तिथि से लागू होगा।
- मूलधन की वसूली 180 दिन बाद शुरू होगी।
- ऋण अवधि लगभग 1826 दिन (लगभग 5 वर्ष) निर्धारित की गई है।
उम्मीदवारों के लिए जरूरी सलाह
- आवेदन से पहले व्यवसाय की पूरी योजना तैयार रखें।
- Quotation सही एवं प्रमाणित विक्रेता से ही प्राप्त करें।
- PPP में आय सही दर्ज होनी चाहिए।
- सभी दस्तावेज स्पष्ट एवं वैध होने चाहिए।
- आवेदन जमा करने के बाद समय-समय पर उसकी स्थिति की जानकारी लेते रहें।
- यदि पहली बार स्वरोजगार शुरू कर रहे हैं, तो इस योजना में प्राथमिकता मिलने की संभावना अधिक रहती है।
इस योजना की मुख्य विशेषताएं
- केवल SC परिवारों के लिए विशेष योजना
- ₹1.50 लाख तक परियोजना लागत
- ₹50,000 तक सरकारी अनुदान
- 10% Margin Money निगम द्वारा
- बैंक ऋण की सुविधा
- नए आवेदकों को प्राथमिकता
FAQs
Q1. इस योजना का लाभ किसे मिलेगा?
- हरियाणा के अनुसूचित जाति (SC) परिवारों को, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय ₹3 लाख तक है।
Q2. अधिकतम परियोजना लागत कितनी है?
- अधिकतम ₹1.50 लाख तक।
Q3. अधिकतम सब्सिडी कितनी मिलेगी?
- अधिकतम ₹50,000 तक।
Q4. आवेदन कैसे करना होगा?
- निर्धारित आवेदन पत्र भरकर संबंधित कार्यालय में जमा करना होगा। पात्रता सत्यापन के बाद आवेदन बैंक को भेजा जाएगा।
Q5. क्या बैंक ऋण सीधे लाभार्थी के खाते में आएगा?
- नहीं। बैंक ऋण की राशि लाभार्थी द्वारा दिए गए Quotation के आधार पर संबंधित विक्रेता को भुगतान की जाएगी।