NCERT ने गणित के सिलेबस में किया बदलाव: राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF-SE 2023) के आधार पर आठवीं क्लास तक का नया सिलेबस जारी करने के बाद, नेशनल काउंसिल ऑफ़ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने अब नौवीं क्लास के लिए बदला हुआ ड्राफ्ट सिलेबस जारी कर दिया है।
इसने साइंस के साथ-साथ मैथमेटिक्स समेत दूसरे सब्जेक्ट्स में भी बड़े बदलाव लाए हैं। मैथेमेटिक्स में एप्लीकेशन्स और लॉजिकल थिंकिंग पर ज़्यादा ज़ोर दिया गया है। यह मैथेमेटिक्स को असल ज़िंदगी की प्रॉब्लम्स से जोड़ने और अलजेब्रिक थिंकिंग डेवलप करने पर ज़ोर देता है।
अरिथमेटिक प्रोग्रेशन (AP) और जियोमेट्रिक प्रोग्रेशन (JP) जैसे टॉपिक, जो पहले ग्रेड 10 और 11 में पढ़ाए जाते थे, अब ग्रेड 9 में पढ़ाए जाएंगे। इसके अलावा, फाइनेंशियल मैथ के ज़रिए ग्रोथ और डिके पैटर्न और प्रोबेबिलिटी पर एक अलग चैप्टर जोड़ा गया है।
NCERT का जारी यह करिकुलम 2026-27 एकेडमिक ईयर में लागू किया जाना है। क्लास 9 के मैथ्स करिकुलम में 15 चैप्टर होंगे। इन बदलावों के साथ, कंस्ट्रक्शन, पैरेललोग्राम और ट्रायंगल के एरिया वाले चैप्टर हटा दिए गए हैं। हालांकि, नंबर सिस्टम, पॉलीनोमियल्स, कोऑर्डिनेट ज्योमेट्री, ट्रायंगल, क्वाड्रिलैटरल, सर्कल, हीरॉन का फॉर्मूला, सरफेस एरिया और वॉल्यूम, और स्टैटिस्टिक्स जैसे खास टॉपिक करिकुलम का हिस्सा बने रहेंगे।
मैथ को “यूनिवर्सल भाषा” बताया
नए करिकुलम में मैथ को “यूनिवर्सल भाषा” बताया गया है, जो लॉजिक और रीजनिंग के ज़रिए दुनिया को समझने का एक तरीका है। नंबर, शेप, पैटर्न और उनके रिश्तों की स्टडी से स्टूडेंट्स को नेचर, टेक्नोलॉजी और रोज़मर्रा की ज़िंदगी में होने वाले कई प्रोसेस को समझने में मदद मिलती है।

NCERT ने गणित के सिलेबस में किया बदलाव