Mausamgram Portal: भारत एक कृषि-प्रधान देश है जहाँ करोड़ों किसान, मछुआरे और मजदूर अपनी आजीविका के लिए मौसम पर निर्भर हैं। लेकिन अब तक उन्हें जो मौसम जानकारी मिलती थी, वह राज्य या जिला स्तर तक सीमित थी, उनके गाँव के लिए नहीं। इस कमी को पूरा करने के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पेश किया , मौसमग्राम पोर्टल।
अगर आप किसान हैं, मछुआरे हैं, या बस जानना चाहते हैं कि अगले 10 दिनों में आपके गाँव या पिन कोड पर कैसा मौसम रहेगा — तो मौसमग्राम पोर्टल आपके लिए ही बना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा जनवरी 2024 में लॉन्च यह वेब-आधारित हाइपर-लोकल प्लेटफ़ॉर्म 6.2 लाख+ गाँवों, 5,700 ब्लॉकों और 1.5 लाख+ पिन कोड को कवर करता है। यह सरकार की “हर हर मौसम, हर घर मौसम” नीति का व्यावहारिक रूप है।3

Mausamgram Portal
Mausamgram Portal कब और क्यों लॉन्च हुआ?
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) के निर्देशन में IMD ने जनवरी 2024 में मौसमग्राम को लॉन्च किया। यह MHEW-DSS (बहु-आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली) और मिशन मौसम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य है मौसम की जानकारी को आखिरी व्यक्ति तक, उसकी भाषा में, उसके गाँव के लिए पहुँचाना।
Mausamgram Portal पर किस-किस समय का पूर्वानुमान मिलता है?
मौसमग्राम तीन स्तरों पर पूर्वानुमान देता है — पहले 36 घंटे के लिए हर घंटे की जानकारी, अगले 5 दिनों के लिए 3 घंटे के अंतराल पर और 10 दिनों तक 6 घंटे के अंतराल पर विस्तृत पूर्वानुमान। इसमें तापमान, वर्षा, हवा की गति, ऑक्सीजन और अन्य मौसम मानदंड शामिल हैं।
Mausamgram Portal किसानों के लिए क्यों है खास?
किसानों को सप्ताह में दो बार फसल-विशिष्ट कृषि-मौसम सलाह मिलती है। सिंचाई, सिंचाई और कटाई के सही समय जानकर वे फसल नुकसान से बच सकते हैं। शोध बताता है कि मौसमग्राम जैसी सलाह का उपयोग करने वाले किसानों की आय उन्हें न जमाने वालों से 52.5% अधिक पाई गई है। वर्षा-आधारित जिलों में इससे गेल ₹13,331 करोड़ प्रतिवर्ष का आर्थिक लाभ संभव है।
Mausamgram Portal मछुआरों और तटीय समुदायों के लिए
जब हवा की गति 45 किमी/घंटा से ज़्यादा हो या समुद्र की स्थिति खतरनाक हो, मछुआरे को विशेष एसएमएस, व्हाट्सएप और आकाशवाणी के माध्यम से मिलता है। यह उत्तर भारतीय महासागर क्षेत्र तक कवरेज देता है।
Mausamgram Portal ग्राम स्तर तक कैसे पहुँचती है जानकारी?
मौसमग्राम की जानकारी केंद्रीय और राज्य कृषि मंत्रालयों के सहयोग से कृषि सखी, पशु सखी (ग्रामीण विकास मंत्रालय) और वार्ड सदस्यों, सरपंचों, पंचायत सचिवों (पंचायती राज मंत्रालय) तक पहुंचाई जाती है। यानी गाँव के हर कोने तक।
Mausamgram Portal उपलब्धि और मान्यता
मौसमग्राम MHEW-DSS का हिस्सा होने के नाते उन पुरस्कारों का भागीदार है जो IMD को मिले हैं — जिनमें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2025, UNDRR सासाकावा पुरस्कार 2025 और ET GovTech Award 2026 शामिल हैं। 200 से अधिक सरकारी संगठन इस डेटा का उपयोग कर रहे हैं, जिनमें NDMA और NDRF प्रमुख हैं।
FAQ
Q1. मौसमग्राम पोर्टल क्या है?
मौसमग्राम IMD (भारत मौसम विज्ञान विभाग) का एक वेब-आधारित हाइपर-लोकल मौसम पूर्वानुमान पोर्टल है जो भारत के हर गाँव, ब्लॉक और पिन कोड के लिए 10 दिनों तक का मौसम बताता है।
Q2. मौसमग्राम की वेबसाइट का लिंक क्या है?
आधिकारिक वेबसाइट mausamgram.imd.gov.in है। इसे IMD की मौसम ऐप, सचेत प्लेटफ़ॉर्म और ई-पंचायत सेवा के माध्यम से भी एक्सेस किया जा सकता है।
Q3. मौसमग्राम पोर्टल कब लॉन्च हुआ?
मौसमग्राम को जनवरी 2024 में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत IMD द्वारा आधिकारिक रूप से लॉन्च किया गया।
Q4. मौसमग्राम कितने गाँवों को कवर करता है?
यह पोर्टल भारत के 6.2 लाख से अधिक गाँवों, 5,700 ब्लॉकों और 1.5 लाख से अधिक पिन कोड को कवर करता है।
Q5. मौसमग्राम पर कितने दिनों का पूर्वानुमान मिलता है?
36 घंटे तक प्रति घंटे का पूर्वानुमान, 5 दिनों तक 3-घंटे के अंतराल पर और 10 दिनों तक 6-घंटे के अंतराल पर पूर्वानुमान मिलता है।
Q6. किसान मौसमग्राम का उपयोग कैसे करें?
किसान mausamgram.imd.gov.in पर जाकर अपना गाँव, ब्लॉक या पिन कोड डालें और बुवाई, सिंचाई या कटाई के लिए मौसम आधारित सलाह प्राप्त करें। यह जानकारी कृषि सखी और पंचायत सचिव के माध्यम से भी मिलती है।
Q7. मौसमग्राम और सामान्य मौसम ऐप में क्या फर्क है?
सामान्य ऐप शहरी या जिला स्तर का पूर्वानुमान देती हैं, जबकि मौसमग्राम गाँव और पिन कोड स्तर तक का हाइपर-लोकल पूर्वानुमान प्रदान करता है जो किसानों और मछुआरों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है।