Haryana Prakritik Kheti Yojana 2026: हरियाणा सरकार ने प्रदेश में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई नई घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण, बाजार और प्रमाणीकरण की सुविधाएं उपलब्ध कराईं। सरकार का लक्ष्य हरियाणा को प्राकृतिक खेती का आदर्श राज्य बनाना है।

Haryana Prakritik Kheti Yojana 2026
पंचायत भूमि पर भी होगी प्राकृतिक खेती
राज्य सरकार पंचायत के स्वामित्व वाली भूमि पर भी प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए नई नीति लाएगी। इसके अलावा कृषि विभाग की लगभग 800 एकड़ भूमि केवल किसानों को पट्टे पर दी जाएगी जो कम से कम 10 वर्षों तक प्राकृतिक या जैविक खेती करने के लिए तैयार होंगे।
किसानों को मिलेगी ₹10,000 प्रति एकड़ सहायता
एपीडा (APEDA) से प्रमाणित प्राकृतिक एवं जैविक किसानों को 5 साल तक प्रति वर्ष ₹10,000 प्रति एकड़ की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इससे किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए आर्थिक मदद मिलेगी।
प्राकृतिक खेती के लिए बनेगी प्रमाणीकरण व्यवस्था
किसानों को जैविक खेती का प्रमाणीकरण कराने के लिए हरियाणा राज्य बीज प्रमाणीकरण एजेंसी को अधिकृत संस्था बनाया जाएगा। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने में आसानी होगी।
मंडियों में मिलेगी अलग जगह
प्राकृतिक एवं जैविक खेती करने वाले किसानों के लिए पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, सोनीपत, रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, चरखी दादरी और नारनौल की मंडियों में अलग-अलग जगह उपलब्ध होगी, ताकि किसान अपनी उपज बेहतर कीमत पर बेच सकें।
प्राकृतिक खेती पोर्टल पर लाखों किसानों का रजिस्ट्रेशन
सरकार द्वारा शुरू किए गए प्राकृतिक खेती पोर्टल पर अब तक लगभग 2 लाख किसानों ने 3 लाख एकड़ क्षेत्र का रजिस्ट्रेशन कराया है। हजारों किसानों ने प्राकृतिक खेती सबमिशन के लिए रिव्यू भी पूरा कर लिया है।
किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कुरुक्षेत्र, जींद, सिरसा और करनाल में प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर किसानों, महिलाओं और युवाओं को प्राकृतिक खेती की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
स्मार्ट एग्रीकल्चर योजना भी शुरू होगी
कुरुक्षेत्र जिले में 2,000 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक तकनीक आधारित स्मार्ट एग्रीकल्चर योजना शुरू की जाएगी। अगर किसानों को किसी तरह का नुकसान होता है तो उसकी भरपाई हरियाणा सरकार करेगी।
योजना के प्रमुख लाभ
- प्रति एकड़ ₹10,000 की सहायता
- 5 साल तक आर्थिक लाभ
- प्राकृतिक खेती के लिए प्रशिक्षण सुविधा
- मंडियों में अलग स्थान
- जैविक आवेदकों की सुविधा
- देसी गाय पर ₹30,000 सब्सिडी
- ड्रम खरीदने पर ₹3,000 सहायता
- प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को प्राथमिकता