Rajasthan Van Mitra Vacancy 2026, 80000 Van Mitra, Apply Now

Rajasthan Van Mitra Vacancy 2026: राजस्थान सरकार ने पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और वन्यजीवों की सुरक्षा को जनभागीदारी से मजबूत बनाने के उद्देश्य से Rajasthan Van Mitra Yojana 2026 शुरू की है। इस योजना के तहत पूरे प्रदेश में लगभग 80,000 वन मित्रों का पंजीयन करने का लक्ष्य रखा गया है। यह कोई नियमित सरकारी भर्ती नहीं है, बल्कि स्वैच्छिक (Voluntary) पंजीयन योजना है। आवेदन ऑफलाइन माध्यम से संबंधित जिले के उप वन संरक्षक (Deputy Conservator of Forests – DCF) कार्यालय में निर्धारित आवेदन पत्र के माध्यम से करना होगा। वर्तमान में आवेदन की अंतिम तिथि का उल्लेख नहीं किया गया है, क्योंकि अलग-अलग जिलों में आवश्यकता के अनुसार पंजीयन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस योजना में वेतन नहीं दिया जाएगा, लेकिन चयनित वन मित्रों को प्रशिक्षण, पहचान पत्र, आवश्यक सामग्री, सम्मान तथा अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

Rajasthan Van Mitra Vacancy 2026

Rajasthan Van Mitra Vacancy 2026

Rajasthan Van Mitra Yojana 2026 क्या है?

राजस्थान वन मित्र योजना राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय पहल है। इसका उद्देश्य आम नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और वन्यजीव संरक्षण जैसे कार्यों से जोड़ना है।

इस योजना के माध्यम से प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्थानीय लोगों को वन मित्र बनाया जाएगा, जो अपने क्षेत्र में पौधारोपण, पौधों की देखभाल, पर्यावरण जागरूकता तथा वन विभाग के संरक्षण कार्यों में सहयोग करेंगे।

सरकार का लक्ष्य पर्यावरण संरक्षण को केवल सरकारी अभियान न बनाकर जनआंदोलन के रूप में विकसित करना है।

पूरे राजस्थान में लगभग 80 हजार वन मित्र बनाए जाएंगे

वन विभाग के अनुसार राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम 7 वन मित्रों का पंजीयन किया जाएगा। इसी आधार पर पूरे राजस्थान में लगभग 80 हजार वन मित्र तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

वन मित्र अपने पंचायत क्षेत्र तक सीमित रहकर कार्य करेंगे और स्थानीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी निभाएंगे।

योजना का उद्देश्य

इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर लोगों की भागीदारी बढ़ाकर पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करना है।

इसके अलावा योजना के प्रमुख उद्देश्य हैं—

  • अधिक से अधिक वृक्षारोपण को बढ़ावा देना।
  • लगाए गए पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
  • वन एवं वन्यजीव संरक्षण में जनता की भागीदारी बढ़ाना।
  • पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता फैलाना।
  • अवैध पेड़ कटाई एवं वन अपराधों की सूचना समय पर वन विभाग तक पहुंचाना।
  • हरित क्षेत्र का विस्तार करना।

वन मित्र को कौन-कौन से कार्य करने होंगे?

वन मित्र बनने के बाद केवल पौधे लगाना ही जिम्मेदारी नहीं होगी, बल्कि उनकी नियमित देखभाल भी करनी होगी।

मुख्य कार्य—

  • अपने ग्राम पंचायत क्षेत्र में वृक्षारोपण को बढ़ावा देना।
  • लगाए गए पौधों की सुरक्षा एवं देखभाल करना।
  • प्रत्येक वर्ष कम से कम 10 पौधे लगाना एवं सुरक्षित रखना।
  • वन्यजीव संरक्षण गतिविधियों में सहयोग करना।
  • घायल वन्यजीवों की सूचना देना एवं सहायता करना।
  • अवैध पेड़ कटाई की सूचना वन विभाग को देना।
  • वन भूमि पर अतिक्रमण की जानकारी देना।
  • अवैध खनन एवं वन अपराधों की सूचना देना।
  • पर्यावरण संरक्षण के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करना।
  • वन विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में सक्रिय भाग लेना।

कौन बन सकता है वन मित्र?

राजस्थान वन मित्र योजना में आवेदन करने के लिए निम्न पात्रता आवश्यक है—

  • आवेदक संबंधित ग्राम पंचायत का मूल निवासी होना चाहिए।
  • पर्यावरण संरक्षण में रुचि रखने वाला नागरिक आवेदन कर सकता है।
  • पूर्व सैनिक आवेदन कर सकते हैं।
  • सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी आवेदन कर सकते हैं।
  • स्वयं सहायता समूह (SHG) के सदस्य भी आवेदन कर सकते हैं।
  • 40 वर्ष से अधिक आयु वाले इच्छुक व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जा सकती है।
  • आवेदक किसी भी गंभीर आपराधिक मामले या वन अपराध में शामिल नहीं होना चाहिए।

चयन प्रक्रिया

वन मित्रों का चयन जिला स्तर पर गठित समिति द्वारा किया जाएगा।

इस समिति की अध्यक्षता उप वन संरक्षक (DCF) करेंगे तथा संबंधित क्षेत्रीय वन अधिकारी सदस्य सचिव होंगे।

चयन निम्न आधार पर होगा—

  • आवेदन पत्र की जांच
  • पात्रता का सत्यापन
  • पर्यावरण संरक्षण में रुचि
  • स्वैच्छिक सेवा भावना

समिति का निर्णय अंतिम माना जाएगा।

प्रशिक्षण की व्यवस्था

चयनित वन मित्रों को वन विभाग द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रशिक्षण के दौरान निम्न विषय शामिल होंगे—

  • वृक्षारोपण तकनीक
  • पौधशाला विकास
  • वन एवं वन्यजीव संरक्षण
  • पर्यावरण संरक्षण
  • जलवायु परिवर्तन
  • वन कानून
  • जन-जागरूकता अभियान

समय-समय पर कार्यशालाएं एवं रिफ्रेशर ट्रेनिंग भी आयोजित की जाएंगी।

वन मित्रों को क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?

वन विभाग चयनित वन मित्रों को कई सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।

इनमें शामिल हैं—

  • वन मित्र पहचान पत्र
  • बाजूबंद
  • आवश्यकता अनुसार ट्रैक सूट
  • जूते
  • टोपी
  • अन्य आवश्यक सामग्री
  • उत्कृष्ट कार्य पर सम्मान
  • पर्यावरण दिवस एवं राष्ट्रीय पर्वों पर सम्मान समारोह
  • वन विभाग के कार्यक्रमों में विशेष आमंत्रण
  • निर्धारित नियमों के अनुसार संरक्षित वन क्षेत्रों में प्रवेश सुविधा
  • ड्यूटी के दौरान दुर्घटना, घायल होने या मृत्यु की स्थिति में सहायता एवं उपचार संबंधी प्रावधान

आवेदन कैसे करें?

इच्छुक उम्मीदवारों को—

  • निर्धारित आवेदन पत्र प्राप्त करना होगा।
  • आवेदन पत्र सावधानीपूर्वक भरना होगा।
  • आवश्यक दस्तावेज संलग्न करने होंगे।
  • आवेदन अपने जिले के उप वन संरक्षक (DCF) कार्यालय में जमा करना होगा।

जिला स्तरीय समिति आवेदन की जांच करने के बाद पात्र उम्मीदवारों का पंजीयन करेगी।

उम्मीदवारों के लिए सलाह

यदि आप प्रकृति, पर्यावरण और समाज सेवा में रुचि रखते हैं तो यह योजना आपके लिए अच्छा अवसर हो सकती है। आवेदन करने से पहले सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें और अपने जिले के वन विभाग कार्यालय से आवेदन प्रक्रिया एवं पंजीयन की वर्तमान स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

FAQ

Q1. राजस्थान वन मित्र योजना क्या है?

  • यह राजस्थान सरकार की पर्यावरण संरक्षण एवं वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी स्वैच्छिक योजना है, जिसके तहत स्थानीय नागरिकों का वन मित्र के रूप में पंजीयन किया जाएगा।

Q2. राजस्थान में कितने वन मित्र बनाए जाएंगे?

  • राज्यभर में लगभग 80,000 वन मित्र तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

Q3. क्या वन मित्र सरकारी कर्मचारी होंगे?

  • नहीं। वन मित्र केवल स्वैच्छिक कार्यकर्ता होंगे और उन्हें नियमित सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिलेगा।

Q4. वन मित्र का कार्यकाल कितना होगा?

  • प्रारंभिक कार्यकाल एक वर्ष का होगा, जिसे कार्य संतोषजनक होने पर आगे बढ़ाया जा सकता है।

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