CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल फिर बहाल, 41.56 लाख जमाकर्ताओं को मिला ₹9,267 करोड़ का रिफंड

CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल फिर बहाल: सहारा समूह की सहकारी समितियों के वास्तविक जमाकर्ताओं के लिए राहत की खबर है। CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल को दोबारा सक्रिय कर दिया गया है, जिसके बाद लंबित दावों के सत्यापन और रिफंड की प्रक्रिया फिर शुरू हो गई है। अब तक 41,56,711 जमाकर्ताओं को उनके आधार से जुड़े बैंक खातों में सीधे ₹9,267 करोड़ की राशि लौटाई जा चुकी है।

CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल फिर बहाल

CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल फिर बहाल

करीब 20 लाख दावों का होना है प्रसंस्करण

सहकारिता मंत्रालय के अनुसार, रिफंड पोर्टल पर करीब 20 लाख आवेदन अभी प्रसंस्करण के लिए लंबित हैं। पोर्टल की सेवाएं बहाल होने के बाद इन आवेदनों की जांच और पात्र जमाकर्ताओं को भुगतान की प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी गई है।

रिफंड की यह व्यवस्था वास्तविक और पात्र जमाकर्ताओं को उनकी देय राशि वापस करने के लिए संचालित की जा रही है। प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप आगे बढ़ रही है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत चल रही है प्रक्रिया

केंद्रीय सहकारी समितियों के पंजीयक (CRCS) ने 29 मार्च 2023 के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुरूप वास्तविक जमाकर्ताओं के दावों का निपटान शुरू किया था।

सहकारिता मंत्रालय के अनुसार, इस पूरी पहल का उद्देश्य सहकारी समितियों के सदस्यों के हितों की रक्षा करना और सहकारी क्षेत्र में लोगों का भरोसा मजबूत करना है।

नवंबर 2025 में प्रभावित हुआ था पोर्टल का काम

सहारा सहकारी समितियों का कामकाज नवंबर 2025 में कई तरह की प्रशासनिक, वित्तीय, तकनीकी और परिचालन संबंधी दिक्कतों से प्रभावित हुआ था।

कुछ ऐसे मामलों के कारण समितियों के परिसरों को सील किए जाने से परिचालन में परेशानी आई थी, जो सहारा समितियों से संबंधित नहीं थे। इसके अलावा हार्डवेयर और वार्षिक रखरखाव अनुबंध से जुड़ी बकाया राशि, आईटी ढांचे और लाइसेंस के नवीनीकरण तथा मानव संसाधन से जुड़े मामलों में भी बाधाएं सामने आई थीं।

दावों के सत्यापन की व्यवस्था हुई थी प्रभावित

इन समस्याओं का असर रिफंड दावों की जांच और प्रसंस्करण के लिए इस्तेमाल होने वाली जरूरी प्रणालियों पर भी पड़ा। नतीजतन जमाकर्ताओं के दावों के सत्यापन और भुगतान की प्रक्रिया प्रभावित हुई।

बाद में सहकारिता मंत्रालय और CRCS ने संबंधित हितधारकों के साथ समन्वय कर इन बाधाओं को दूर करने पर काम किया। उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों और संबंधित प्राधिकरणों के साथ संस्थागत स्तर पर किए गए प्रयासों के बाद जरूरी आईटी और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को फिर से व्यवस्थित किया गया।

चार सहारा समितियों के दावों की प्रोसेसिंग शुरू

पोर्टल और सत्यापन व्यवस्था बहाल होने के बाद सहारा समूह की चार सहकारी समितियों के वास्तविक जमाकर्ताओं के वैध दावों का प्रसंस्करण फिर शुरू हो गया है।

इनमें सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, लखनऊ, सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी लिमिटेड, भोपाल, हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, कोलकाता और स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, हैदराबाद शामिल हैं।

पूरी रिफंड प्रक्रिया डिजिटल और कागज-रहित

CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल के माध्यम से पूरी प्रक्रिया डिजिटल और कागज-रहित तरीके से संचालित की जा रही है। मंत्रालय के मुताबिक, व्यवस्था पारदर्शी और सत्यापन-आधारित है।

सरकार ने 18 जुलाई 2023 को यह समर्पित ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया था। इसके जरिए जमाकर्ता बिना भौतिक कागजी कार्रवाई के अपना रिफंड आवेदन जमा कर सकते हैं।

आधार ई-केवाईसी से होता है दावों का मिलान

रिफंड दावों की जांच के दौरान आधार ई-केवाईसी और संबंधित सहकारी समितियों की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों का इस्तेमाल किया जाता है।

जमाकर्ता, सदस्यता और खाते से जुड़ी जानकारी का मिलान किया जाता है। जमा प्रमाण-पत्र या रसीद समेत निर्धारित दस्तावेजों की भी जांच की जाती है।

सत्यापन की प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत बनाई गई निगरानी व्यवस्था और अनुमोदित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार होती है।

सफल सत्यापन के बाद खाते में पहुंचती है रकम

जब किसी दावे का सत्यापन सफल हो जाता है और जमाकर्ता पात्र पाया जाता है, तो उसकी देय रिफंड राशि आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे जमा की जाती है।

अब तक इसी व्यवस्था के जरिए 41,56,711 जमाकर्ताओं को कुल ₹9,267 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है।

लंबित दावों को निपटाने के लिए व्यवस्था मजबूत

सहकारिता मंत्रालय और CRCS की ओर से आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, जरूरी सिस्टम और लाइसेंस के नवीनीकरण तथा परिचालन संबंधी अड़चनों को दूर करने के लिए कदम उठाए गए हैं।

मानव संसाधन और अन्य प्रशासनिक समस्याओं को भी सुलझाया गया है। इसका उद्देश्य लंबित दावों के सत्यापन और प्रसंस्करण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।

जमाकर्ता केवल आधिकारिक पोर्टल का करें इस्तेमाल

मंत्रालय ने जमाकर्ताओं को नए दावे जमा करने के लिए केवल आधिकारिक CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

नए दावे प्रस्तुत करने के लिए mocrefund.crcs.gov.in और प्रस्तुत दावों में त्रुटियों के सुधार के लिए सूचना मिलने पर mocresubmit.crcs.gov.in का इस्तेमाल किया जा सकता है।

जमाकर्ताओं को आवेदन करते या दोबारा जमा करते समय निर्धारित प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों से जुड़ी शर्तों का पालन करने को कहा गया है।

अनधिकृत माध्यमों से रहें सावधान

मंत्रालय ने जमाकर्ताओं से अपील की है कि वे दावे जमा करने या दोबारा प्रस्तुत करने के दौरान तय प्रक्रिया का ही पालन करें। इससे दावों के सत्यापन में मदद मिलेगी और अनधिकृत माध्यमों या भ्रामक दावों से बचाव किया जा सकेअनधिकृत माध्यमों से रहें सावधान

मंत्रालय ने जमाकर्ताओं से अपील की है कि वे दावे जमा करने या दोबारा प्रस्तुत करने के दौरान तय प्रक्रिया का ही पालन करें। इससे दावों के सत्यापन में मदद मिलेगी और अनधिकृत माध्यमों या भ्रामक दावों से बचाव किया जा सकेगा।गा।

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