
हरियाणा देश के उत्तरी हिस्से में स्थित एक प्रमुख राज्य है, जो अपनी समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत और अनोखी परंपराओं के लिए जाना जाता है। यहां के अलग-अलग जिलों की अपनी खास पहचान और इतिहास है।
अक्सर लोग हरियाणा के सबसे बड़े और सबसे छोटे जिलों के बारे में जानते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि राज्य का सबसे छोटा नाम वाला जिला कौन-सा है? अगर नहीं, तो इस लेख में हम इसी बारे में विस्तार से जानेंगे।
हरियाणा की खास पहचान
हरियाणा भारत के उन राज्यों में शामिल है, जिनका देश की राजनीति, कृषि, खेल और संस्कृति में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। राज्य का कुल क्षेत्रफल लगभग 44,212 वर्ग किलोमीटर है। क्षेत्रफल के आधार पर यह भारत का 20वां सबसे बड़ा राज्य माना जाता है।
पूरे देश के कुल क्षेत्रफल में हरियाणा की हिस्सेदारी करीब 1.34 प्रतिशत है।
हरियाणा में कितने जिले और मंडल हैं?
वर्तमान समय में हरियाणा में कुल 22 जिले मौजूद हैं, जिन्हें 6 मंडलों में विभाजित किया गया है।
राज्य में:
- 73 उपमंडल
- 93 तहसील
- 10 नगर निगम
- 46 नगर पालिकाएं
- 21 नगर परिषद
मौजूद हैं।
हरियाणा का सबसे बड़ा और सबसे छोटा जिला
क्षेत्रफल के हिसाब से सिरसा हरियाणा का सबसे बड़ा जिला माना जाता है। यह करीब 4277 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।
वहीं, फरीदाबाद राज्य का सबसे छोटा जिला है, जिसका क्षेत्रफल लगभग 204 वर्ग किलोमीटर है।
हरियाणा का सबसे छोटा नाम वाला जिला कौन-सा है?
हरियाणा का सबसे छोटा नाम वाला जिला नूंह है।
अगर अंग्रेजी में इसके नाम को देखा जाए, तो “NUH” केवल तीन अक्षरों से मिलकर बना है। इसी वजह से इसे हरियाणा का सबसे छोटा नाम वाला जिला माना जाता है।
नूंह जिले का गठन कब हुआ था?
नूंह जिले का गठन 4 अप्रैल 2005 को किया गया था। शुरुआत में इस जिले का नाम मेवात रखा गया था। उस समय इसमें पुराने गुड़गांव क्षेत्र के तावडू, नगीना, फिरोजपुर झिरका और पुन्हाना जैसे ब्लॉकों को शामिल किया गया था।
हालांकि “मेवात” नाम एक बड़े सांस्कृतिक और ऐतिहासिक क्षेत्र को दर्शाता था, जिसकी पहचान राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों तक भी फैली हुई है।
इसी कारण वर्ष 2016 में जिले का नाम बदलकर नूंह कर दिया गया। आज नूंह हरियाणा के महत्वपूर्ण जिलों में गिना जाता है।