Haryana New Industrial Policy 2026: हरियाणा के आर्थिक और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार एक नई औद्योगिक नीति (औद्योगिक नीति 2026) लाने की तैयारी कर रही है, जिसका उद्देश्य राज्य को एक “औद्योगिक महाशक्ति” में बदलना है। यह नई नीति निवेश को बढ़ावा देने, रोज़गार के अवसर पैदा करने और नई तकनीकों को प्रोत्साहित करने पर विशेष रूप से केंद्रित है।
इस नई नीति का उद्देश्य क्या है?
सरकार का लक्ष्य हरियाणा को देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों की श्रेणी में स्थापित करना है। इसी दिशा में, पिछली औद्योगिक नीतियों को समाप्त किया जा रहा है और एक नई, प्रभावी नीति तैयार की जा रही है। दरअसल, वर्ष 2020 में भी एक औद्योगिक नीति लाई गई थी, लेकिन उससे अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं हो सके थे। इस बार, सरकार एक ऐसी नीति पर काम कर रही है जो अधिक व्यावहारिक और परिणाम-उन्मुख है।
निवेश और रोज़गार के मुख्य लक्ष्य
नई औद्योगिक नीति के तहत, राज्य सरकार ने ₹5 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही, लगभग 10 लाख नए रोज़गार के अवसर पैदा करने की भी योजना है। इस नीति का मसौदा तैयार कर लिया गया है और जल्द ही इसे मंज़ूरी के लिए कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा।
बड़े उद्योगों पर विशेष ज़ोर
इस बार सरकार MSMEs (लघु उद्योगों) के साथ-साथ बड़े, मेगा और अल्ट्रा-मेगा उद्योगों को भी प्राथमिकता दे रही है। इसका उद्देश्य बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करना और रोज़गार के अवसर पैदा करने की प्रक्रिया को तेज़ी से आगे बढ़ाना है।
स्थानीय युवाओं के लिए ज़्यादा फ़ायदे
नई पॉलिसी के तहत, जो कंपनियाँ हरियाणा के युवाओं को रोज़गार देंगी, उन्हें खास इंसेंटिव दिए जाएँगे। पहले, कंपनियों को हर कर्मचारी के लिए सालाना ₹36,000 से ₹48,000 तक की आर्थिक मदद मिलती थी; अब इस रकम को बढ़ाकर ₹1 लाख तक करने की योजना चल रही है।
अगर कोई कंपनी स्थानीय महिलाओं, अनुसूचित जाति (SC) के लोगों, या दिव्यांग लोगों को रोज़गार देती है, तो उसे हर कर्मचारी के लिए सालाना ₹1.2 लाख तक का इंसेंटिव दिया जाएगा। इसके अलावा, अगर किसी कंपनी के कुल कर्मचारियों में 25% से ज़्यादा लोग हरियाणा के रहने वाले हैं, तो कंपनी को और भी फ़ायदे मिलेंगे।
ज़्यादा रोज़गार, ज़्यादा सब्सिडी
सरकार अभी एक नए फ़्रेमवर्क पर काम कर रही है, जिसके तहत कंपनियों को उनके द्वारा पैदा किए गए रोज़गार की संख्या के आधार पर सब्सिडी दी जाएगी। दूसरे शब्दों में, कोई कंपनी हरियाणा में जितने ज़्यादा स्थानीय युवाओं को रोज़गार देगी, उसे उतनी ही ज़्यादा आर्थिक मदद मिलेगी।
अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा
नई नीति अनुसंधान और विकास (R&D) को बढ़ावा देने पर भी ज़ोर देती है। अगर कोई कंपनी एक अनुसंधान केंद्र स्थापित करती है, तो वह 50% तक की सब्सिडी पाने की हकदार होगी। बड़े उद्योगों को ₹10 करोड़ तक की वित्तीय सहायता मिल सकती है, जबकि मेगा या अल्ट्रा-मेगा परियोजनाओं को ₹50 करोड़ तक की सहायता दी जा सकती है।
पेटेंट के लिए बड़े इनाम
नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए, सरकार पेटेंट के लिए इनाम भी देगी। अगर कोई कंपनी राष्ट्रीय स्तर का पेटेंट हासिल करती है, तो उसे ₹50 लाख तक की राशि इनाम के तौर पर दी जाएगी। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हासिल किए गए पेटेंट के लिए, यह इनाम बढ़कर ₹1 करोड़ तक हो सकता है।

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