हरियाणा के 144 गांवों को राहत: 8 मई को किसानों के खातों में आएगा मुआवजा: हरियाणा के किसानों को बड़ी राहत मिली है। जिन किसानों की फसलें मार्च और अप्रैल महीनों के दौरान हुई बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद हो गई थीं, उन्हें अब सरकार से मुआवज़ा मिलने वाला है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि मुआवज़े की राशि 8 मई, 2026 को सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी।

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कितने किसानों को मिलेगा लाभ
राज्य के 16 जिलों के 144 गांवों से कुल 6821 किसानों ने फसल नुकसान का ब्योरा दर्ज कराया है। किसानों ने क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपनी फसलों के नुकसान की जानकारी अपलोड की थी, जिसके आधार पर मुआवजा दिया जाएगा। दर्ज किए गए आंकड़ों के अनुसार लगभग 50,108.808 एकड़ फसलें प्रभावित हुई हैं।
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किस कारण हुआ नुकसान
मार्च और अप्रैल के दौरान अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया। गेहूं, सरसों और अन्य फसलें इस आपदा से प्रभावित हुईं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा।
किन जिलों के किसानों ने किया आवेदन
क्षतिपूर्ति पोर्टल पर विभिन्न जिलों के किसानों ने नुकसान दर्ज कराया है:
- सिरसा – 30 गांव
- करनाल – 21 गांव
- सोनीपत – 14 गांव
- कुरुक्षेत्र – 13 गांव
- पानीपत और हिसार – 11-11 गांव
- फतेहाबाद – 10 गांव
- यमुनानगर और जींद – 8-8 गांव
- झज्जर – 4 गांव
- दादरी – 3 गांव
- हांसी – 2 गांव
- भिवानी – 1 गांव
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कैसे हुआ आवेदन
हरियाणा सरकार के क्षतिपूर्ति पोर्टल के माध्यम से किसानों को अपने नुकसान का विवरण दर्ज करने का मौका दिया गया था। किसानों ने ऑनलाइन अपनी फसल, जमीन और नुकसान की जानकारी भरकर मुआवजे के लिए आवेदन किया।
कब मिलेगा मुआवजा
राज्य के Vipul Goel ने जानकारी दी है कि 8 मई 2026 को मुख्यमंत्री द्वारा किसानों के खातों में सीधे मुआवजा राशि ट्रांसफर की जाएगी। यह राशि DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाएगी, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और तेज बनी रहे।
किसानों के लिए राहत की बड़ी पहल
यह कदम किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, क्योंकि प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुए नुकसान की भरपाई करना बेहद जरूरी होता है। सरकार की यह पहल किसानों की आर्थिक स्थिति को संभालने में मदद करेगी और उन्हें दोबारा खेती के लिए तैयार करेगी।