
Nautapa 2026: उत्तर भारत में जेठ महीने के दौरान जब गर्मी अपने चरम पर पहुंचती है, तब नौतपा की शुरुआत होती है। यह साल के वे नौ दिन होते हैं जब सूर्य की तीव्रता सबसे अधिक मानी जाती है। इस वर्ष नौतपा 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक चलेगा। इस दौरान तेज लू और झुलसा देने वाली धूप से स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस अवधि में शरीर से पसीने के जरिए पानी और जरूरी मिनरल्स तेजी से निकल जाते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन, कमजोरी, सिरदर्द और पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में सही खान-पान अपनाना बेहद जरूरी हो जाता है।
डायटीशियन निधि सहाई (डिपार्टमेंट हेड, डायटिक्स, मेदांता हॉस्पिटल, नोएडा) के अनुसार, नौतपा में ऐसी डाइट लेनी चाहिए जो हल्की हो और जिसमें पानी की मात्रा अधिक हो।
नौतपा में क्या खाएं?
इस मौसम में मौसमी फल और सब्जियां सबसे फायदेमंद मानी जाती हैं। तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और संतरा जैसे फल शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं, क्योंकि इनमें 90 प्रतिशत से अधिक पानी होता है। वहीं लौकी, तोरई, कद्दू और टिंडा जैसी सब्जियां भी पेट के लिए हल्की और पचाने में आसान होती हैं।
गर्मी में पारंपरिक पेय पदार्थों का सेवन भी बेहद लाभकारी होता है। छाछ और दही पाचन को बेहतर बनाते हैं और शरीर को ठंडक प्रदान करते हैं। आम पन्ना लू से बचाव में सहायक माना जाता है, जबकि सत्तू का शरबत तुरंत ऊर्जा और ठंडक देता है। इसके अलावा नारियल पानी और नींबू पानी शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करते हैं।
खाने में हल्के भोजन जैसे मूंग दाल की खिचड़ी, दाल-चावल, दलिया और हरी सब्जियों के साथ रोटी को प्राथमिकता देने की सलाह दी जाती है।
नौतपा में किन चीजों से बचें?
विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान अधिक मसालेदार और तला-भुना भोजन नहीं खाना चाहिए। समोसे, कचौरी और प्रोसेस्ड फूड पाचन तंत्र पर भारी पड़ते हैं और शरीर में गर्मी बढ़ा सकते हैं।
चाय और कॉफी का अधिक सेवन भी नुकसानदायक हो सकता है क्योंकि इनमें मौजूद कैफीन शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकता है। अधिक मीठे पेय और शराब भी डिहाइड्रेशन को बढ़ाते हैं। इसके अलावा बासी या खुले में रखा खाना खाने से फूड पॉइजनिंग का खतरा रहता है।
जरूरी सावधानियां
नौतपा के दौरान प्यास लगने का इंतजार किए बिना नियमित अंतराल पर पानी पीते रहना चाहिए। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हर आधे से एक घंटे में थोड़ा-थोड़ा पानी पीना बेहतर होता है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक, जब धूप सबसे तेज होती है, तब अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए।