
Haryana News: हरियाणा में फरीदाबाद के एनआईटी विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय से जारी पेयजल संकट को दूर करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। क्षेत्र में पानी की आपूर्ति सुधारने के लिए 250 करोड़ रुपये की लागत से एक विशाल बूस्टर परियोजना तैयार की जा रही है। इसके तहत बाजड़ी गांव में पांच एकड़ भूमि पर मुख्य बूस्टर बनाया जाएगा।
इस प्रोजेक्ट के तहत मंझावली रेनीवेल से बाजड़ी गांव तक पानी की मुख्य पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसके बाद इस बड़े बूस्टर को एनआईटी क्षेत्र की कॉलोनियों और सेक्टरों में मौजूद छोटे बूस्टरों से जोड़ा जाएगा, जिससे पानी की आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा। इसके अलावा 10 से अधिक छोटे बूस्टर भी तैयार किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (FMDA) ने इस पूरे प्रोजेक्ट पर काम तेज कर दिया है। एनआईटी विधायक सतीश फागना ने हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर क्षेत्र में गंभीर जल संकट का मुद्दा उठाया था। उन्होंने बताया कि एनआईटी में जरूरत के मुकाबले आधा भी पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
विधायक के अनुसार, क्षेत्र में पानी के असमान वितरण की समस्या भी बनी हुई है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने FMDA और नगर निगम दोनों विभागों को पानी के समान वितरण के निर्देश दिए और मंझावली से बाजड़ी तक पाइपलाइन कार्य को तेज करने को कहा।
एनआईटी में गंभीर पेयजल संकट
एनआईटी विधानसभा क्षेत्र में करीब 5 लाख की आबादी रहती है। यहां प्रतिदिन लगभग 60 एमएलडी पानी की आवश्यकता है, जबकि केवल 30 एमएलडी पानी ही उपलब्ध हो पा रहा है। इस कमी को पूरा करने के लिए नगर निगम ने करीब 150 ट्यूबवेल लगाए थे, लेकिन इनमें से कई ट्यूबवेल सूख चुके हैं।
केंद्र और राज्य स्तर पर भी चर्चा
पेयजल संकट का मुद्दा केंद्रीय स्तर पर भी उठ चुका है। जिला निगरानी समिति की बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने अधिकारियों से पानी वितरण की रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट में एनआईटी क्षेत्र में गंभीर कमी सामने आने पर उन्होंने नाराजगी जताई थी और वॉशिंग सेंटर बंद करने के निर्देश भी दिए थे।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
FMDA के चीफ इंजीनियर विशाल बंसल ने बताया कि रेनीवेल से बूस्टर तक पानी की सप्लाई की जिम्मेदारी विभाग की है, जबकि बूस्टर से वितरण का निर्णय नगर निगम करता है। उन्होंने कहा कि बाजड़ी गांव में बनने वाले पांच एकड़ के बूस्टर के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और मुख्यमंत्री से परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है।