Haryana New IMT, Sarkari Result Shine Chandigarh: हरियाणा में औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए राज्य सरकार 10 नई औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (IMT) विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। इसके साथ ही जापान और सिंगापुर से करीब ₹9,400 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिलने की जानकारी सामने आई है। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह के अनुसार सरकार की प्राथमिकता उद्योगों को केवल गुरुग्राम और मानेसर तक सीमित रखने के बजाय राज्य के दूसरे जिलों तक पहुंचाना है, ताकि युवाओं को अपने घरों के आसपास रोजगार के अवसर मिल सकें।
सरकार विदेशी कंपनियों के साथ निवेश संबंधी बातचीत आगे बढ़ा रही है। जापान और सिंगापुर के बाद अब दक्षिण कोरिया की कंपनियों को हरियाणा में निवेश के लिए आकर्षित करने की तैयारी है। उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह का 19 से 22 अक्टूबर 2026 तक दक्षिण कोरिया का दौरा प्रस्तावित है।

Haryana New IMT
जापान और सिंगापुर से ₹9,400 करोड़ के निवेश प्रस्ताव
हरियाणा सरकार ने विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए जापान और सिंगापुर में निवेशकों के साथ बातचीत की थी। इन प्रयासों से राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ी हैं।
उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह के अनुसार जापान से करीब ₹3,900 करोड़ और सिंगापुर से लगभग ₹5,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
| देश | निवेश प्रस्ताव |
|---|---|
| जापान | ₹3,900 करोड़ |
| सिंगापुर | ₹5,500 करोड़ |
| कुल | ₹9,400 करोड़ |
सिंगापुर से प्राप्त निवेश प्रस्ताव स्वास्थ्य सेवाओं, जल प्रबंधन, शिक्षा और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों से भी जुड़े हैं।
सरकार की कोशिश है कि निवेश प्रस्तावों को जमीन पर वास्तविक औद्योगिक और अन्य विकास परियोजनाओं के रूप में आगे बढ़ाया जाए।
हालांकि प्रस्तावित निवेश और वास्तव में परियोजनाओं में खर्च की गई राशि अलग-अलग हो सकती है। इन निवेश प्रस्तावों को अभी पूर्ण निवेश या नई IMT में सीधे आवंटित राशि नहीं माना जाना चाहिए।
हरियाणा में कहां-कहां बनेंगी 10 नई IMT?
हरियाणा सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में प्रदेश में 10 नई औद्योगिक मॉडल टाउनशिप विकसित करने की घोषणा की थी। सरकार ने मई 2026 में बताया था कि इनमें से पांच को मंजूरी मिल चुकी है।
इन नई IMT के लिए विभिन्न स्थानों पर जमीन उपलब्ध कराने, परियोजनाओं की योजना बनाने और निवेशकों को आकर्षित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
सरकारी सूचनाओं में नारायणगढ़, अंबाला, जींद, मुरथल-गन्नौर और राई जैसे स्थानों का उल्लेख किया गया है।
इसके अलावा तोशाम, रेवाड़ी और फरीदाबाद में प्रस्तावित IMT के लिए ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से किसानों से जमीन संबंधी प्रस्ताव मांगे गए थे।
| स्थान | उपलब्ध जानकारी |
|---|---|
| नारायणगढ़, अंबाला | नई IMT प्रस्तावित |
| अंबाला | नई IMT विकसित करने की योजना |
| जींद | प्रस्तावित IMT, भूमि संबंधी प्रक्रिया |
| मुरथल-गन्नौर | नई IMT की योजना |
| राई, सोनीपत | प्रस्तावित IMT |
| तोशाम, भिवानी | भूमि प्रस्ताव आमंत्रित |
| रेवाड़ी | भूमि प्रस्ताव आमंत्रित |
| फरीदाबाद | भूमि प्रस्ताव आमंत्रित |
सरकार की पूर्व घोषणाओं के अनुसार दो नई औद्योगिक टाउनशिप गुरुग्राम के आसपास विकसित करने की भी योजना है।
हालांकि विभिन्न सरकारी सूचनाओं में परियोजनाओं के स्थान अलग-अलग चरणों में बताए गए हैं। इसलिए उपरोक्त सूची को 10 अंतिम स्वीकृत स्थलों की सूची नहीं समझना चाहिए।
मौजूदा छह IMT में पहले से बड़े पैमाने पर उद्योग
हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (HSIIDC) प्रदेश में पहले से छह प्रमुख औद्योगिक मॉडल टाउनशिप विकसित कर चुका है।
सरकार की 28 सितंबर 2026 की आधिकारिक जानकारी के अनुसार इनका क्षेत्रफल इस प्रकार है।
| औद्योगिक टाउनशिप | क्षेत्रफल |
|---|---|
| IMT मानेसर | लगभग 4,000 एकड़ |
| IMT रोहतक | लगभग 3,600 एकड़ |
| IMT बावल | लगभग 3,300 एकड़ |
| IMT खरखौदा | 3,200 एकड़ से अधिक |
| IMT फरीदाबाद | लगभग 1,800 एकड़ |
| IMT सोहना | लगभग 1,500 एकड़ |
इन औद्योगिक क्षेत्रों में विनिर्माण, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग और अन्य क्षेत्रों से जुड़ी इकाइयों के विकास को बढ़ावा मिला है।
सरकार नई टाउनशिप के विकास के साथ मौजूदा औद्योगिक क्षेत्रों की सुविधाओं में सुधार और विस्तार पर भी ध्यान दे रही है।
खरखौदा समेत पुरानी IMT के विस्तार की योजना
हरियाणा सरकार मौजूदा औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ती जमीन की मांग को देखते हुए उनके विस्तार की तैयारी कर रही है।
HSIIDC की योजना में खरखौदा IMT को लगभग 5,800 एकड़ तक विकसित करने का प्रस्ताव है।
इसके अलावा कोसली क्षेत्र में लगभग 5,000 एकड़, बावल में 2,000 एकड़, सोहना में 1,500 एकड़ और फरीदाबाद-पलवल क्षेत्र में लगभग 9,000 एकड़ की विस्तार संबंधी योजनाओं का उल्लेख किया गया है।
खरखौदा में मारुति सुजुकी की औद्योगिक गतिविधियां इस क्षेत्र के विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। सरकार नए औद्योगिक क्षेत्रों में भी बड़े निवेशकों और उनसे जुड़े छोटे कारोबारों को आकर्षित करने की कोशिश कर रही है।
जापानी कंपनियों के लिए अलग औद्योगिक जोन की तैयारी
हरियाणा सरकार जापान की कंपनियों के साथ औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर भी काम कर रही है।
इससे पहले राज्य सरकार ने जापानी कंपनियों के सहयोग से एक औद्योगिक मॉडल टाउनशिप विकसित करने की योजना की जानकारी दी थी।
ऐसी परियोजना से ऑटोमोबाइल, विनिर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य उद्योगों में निवेश के नए अवसर बन सकते हैं।
हालांकि इसके लिए जमीन, निवेश राशि और परियोजना की अंतिम समयसीमा जैसी जानकारियां संबंधित सरकारी मंजूरियों पर निर्भर होंगी।
दक्षिण कोरिया दौरे से और निवेश लाने की तैयारी
जापान और सिंगापुर के बाद राज्य सरकार ने दक्षिण कोरिया की कंपनियों के साथ निवेश संबंधी बातचीत को अगला लक्ष्य बनाया है।
उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह के नेतृत्व में अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल 19 से 22 अक्टूबर 2026 तक दक्षिण कोरिया जाने वाला है।
इस दौरे का उद्देश्य वहां की कंपनियों को हरियाणा में उद्योग स्थापित करने के अवसरों से अवगत कराना और निवेश प्रस्तावों पर बातचीत करना है।
दक्षिण कोरिया से संभावित निवेश की राशि और परियोजनाओं के बारे में दौरे के बाद अधिक जानकारी सामने आ सकती है।
नई IMT से युवाओं को कैसे मिलेगा रोजगार?
हरियाणा सरकार के अनुसार नई औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने का मुख्य उद्देश्य राज्य के विभिन्न जिलों में उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देना है।
यदि प्रस्तावित परियोजनाएं निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विकसित होती हैं, तो इनसे विनिर्माण, वेयरहाउसिंग, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, तकनीकी सेवाओं और सहायक उद्योगों में रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।
इसके अलावा स्थानीय स्तर पर छोटी औद्योगिक इकाइयों, दुकानों और सेवाओं की मांग बढ़ने की संभावना भी रहेगी।
सरकार नई IMT में उद्योगों के लिए बुनियादी ढांचा, एकीकृत सेवा केंद्र, कौशल विकास और बेहतर संपर्क सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रही है।
फिलहाल 10 नई IMT में कुल कितनी नौकरियां मिलेंगी, इसकी कोई परियोजना-वार निश्चित संख्या उपलब्ध नहीं है। वास्तविक रोजगार सृजन उद्योगों की स्थापना और निवेश के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।
हरियाणा सरकार की इस औद्योगिक रणनीति का उद्देश्य प्रदेश को अधिक व्यापक औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करना है। आने वाले समय में जमीन आवंटन, सरकारी मंजूरियों और निवेश समझौतों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने की प्रगति महत्वपूर्ण होगी।